की फ़ैक्ट स्टेटमेंट (KFS) क्या है?
साइन करने से पहले लोन की असली लागत एक पन्ने पर।
की फ़ैक्ट स्टेटमेंट RBI के नियम के तहत एक छोटा दस्तावेज़ है, जो लोन साइन करने से पहले आपको दिया जाता है।
- लोन राशि, EMI, EMI की संख्या, पहली और आख़िरी EMI की तारीख़।
- ब्याज, प्रोसेसिंग फ़ीस और APR - फ़ीस मिलाकर सालाना कुल लागत।
- अन्य शुल्क: बाउंस, देरी, फ़ोरक्लोज़र, डुप्लिकेट NOC आदि।
- भुगतान शेड्यूल और शिकायत निवारण अधिकारी का संपर्क।
जो शुल्क आपकी KFS में नहीं है, वह आपसे नहीं लिया जा सकता। पढ़ें, सवाल पूछें, सहमत हों तभी साइन करें।
नमूना KFS और शुल्कों की सूची देखें।
